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बिलासपुर में लोको शेड शुरू, 100 इंजनों की मरम्मत होगी

बिलासपुर डिवीजन का अपना 100 क्षमता के लोको शेड के मेंटेनेंस का काम शुरू हो चुका है। अब इंजनों की मरम्मत का काम यही हो…

बिलासपुर डिवीजन का अपना 100 क्षमता के लोको शेड के मेंटेनेंस का काम शुरू हो चुका है। अब इंजनों की मरम्मत का काम यही हो सकेगा। भिलाई नहीं भेजा जाएगा। इंजनों की मरम्मत के लिए लोको काॅलोनी में इलेक्ट्रिक लोको शेड बनाया गया है।

रेलवे क्षेत्र में 13 अक्टूबर से लोको शेड में मेंटेनेंस का काम शुरू हो चुका है। इससे पहले इंजन का पावर फेल होने या अन्य खराबी होने पर मेंटेनेंस के लिए उसे भिलाई लोको शेड भेजा जाता था। भिलाई में 250 लोको शेड रखने की क्षमता है। बिलासपुर डिवीजन में अन्य जगहों से भी इंजन आते हैं जिन्हें समय-समय पर मरम्मत की जरूरत होती है। इस तरह कुल 550 रेल इंजनों की मरम्मत की जरूरत यहां बताई जा रही है। बिलासपुर लोको शेड में 49 अधिकारी- कर्मचारी तैनात हैं जाे इंजनों की मरम्मत के साथ यहां के रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी उठाते हैं। इलेक्ट्रिक लोको शेड में एक साथ दो इंजनों को लिफ्ट कर अंदरूनी भागों के रखरखाव की सुविधा भी है। सिस्टम की मॉनिटरिंग के लिए अलग से प्रशासनिक भवन बनाया गया है।

13 अक्टूबर से लोको कालोनी में इलेक्ट्रिक लोको शेड शुरू हो गया है।

छोटे उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

नया इलेक्ट्रिक लोको शेड बनने के बाद छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। रेल इंजन में लगने वाले कलपुर्जे यहीं से मंगाए जाएंगे। यहां कई प्रकार के रेल इंजनों के रखरखाव का काम किया जाएगा, इनमें डब्ल्यूएएम फोर,डब्ल्यूएजी फाइव, डब्ल्यूएजी सेवन, डब्ल्यूएजी नाइन आदि विभिन्न तरह के इंजन शामिल हैं।

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