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नक्सल हमले में मारे गए विधायक भीमा की दंतेवाड़ा सीट पर 60% से अधिक मतदान

उपचुनाव में लाल आतंक को नीली स्याही से जवाब, 15 हजार जवान थे तैनात, चुनाव आयोग ने कहा- कहीं नहीं होगा दोबारा मतदान

दंतेवाड़ा. विधानसभा सीट दंतेवाड़ा उपचुनाव में सोमवार को 60 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। वोटिंग के यह आंकड़े और बढ़ेंगे, क्योंकि 30 से अधिक बूथों की जानकारी प्रशासन को मिलना बाकी है। जिले के 273 मतदान केंद्रों पर बिना किसी नक्सल वारदात के वोटिंग हुई। इसके साथ ही 9 उम्मीदवारों में कौन दंतेवाड़ा के लोगों का अगला विधायक होगा, इसका फैसला ईवीएम में कैद हो गया। 

कटेकल्याण: मतदान केंद्र से 200 मीटर दूरी पर हुआ आईईडी बरामद  : 15 हजार जवानों की कड़ी चौकसी के बीच मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण हुआ। इलाके में जगह-जगह बीते 24 घंटों से हो रही बारिश को भी समस्या माना जा रहा था। सुरक्षा बलों की 58 कंपनियां तैनात की गई थीं। नक्सली वारदात के नाम पर कटेकल्याण ब्लॉक के परचेली में मतदान केंद्र से 200 मीटर दूरी पर आईईडी बरामद हुआ। 

देवती और ओजस्वी के बीच सीधा मुकाबला : इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार देवती कर्मा और भाजपा उम्मीदवार ओजस्वी मंडावी के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। बता दें कि लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान नक्सली हमले में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद यहां उपचुनाव कराया गया। इस चुनाव में भीमा के गांव गदापाल में 77 फीसदी वोिटंग हुई। 

2018 के विधानसभा चुनाव में भी हुई थी 60.62% वोिटंग : नवंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में 60.62% मतदान हुआ था। इस बार भी 60% से ज्यादा वोटिंग हुई। हालांकि सभी मतदान दलों की वापसी नहीं होने से अंतिम आंकड़े नहीं मिल सके हैं। अंतिम आंकड़ों के बाद मतदान प्रतिशत में कुछ इजाफा हो सकता है।

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