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छत्तीसगढ़ / फोर्स नए सिरे से होगी तैनात, आरओपी के बिना कोई जंगलों में नहीं जाएगा

  • चुनाव से पहले बस्तर में नक्सल हमलों के संदर्भ में सीएम ने ली बैठक

रायपुर. चुनाव से पहले बस्तर में हुए नक्सली हमलों को लेकर मुख्यमंत्री रमन सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक की। सीएम ने  धुर नक्सली क्षेत्रों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की और तेजी से अभियान चलाने के निर्देश दिए है।

सीएम रमन सिंह ने बस्तर में फोर्स की तैनाती को लेकर नई रणनीति बनाने  कहा। कहां-कहां फोर्स लगा सकते हैं उस पर विचार किया गया।  चुनाव कवरेज के लिए देशभर से आने वाले  मीडिया प्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के नेताओं की सुरक्षा पर भी  चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों को नक्सलियों के खिलाफ अभियान में और भी अधिक तेजी लाने के निर्देश दिए गए है।
उन्होंने कहा कि बिना रोड ओपनिंग पार्टी के साथ कोई भी न जाए इस बात के निर्देश दिए है, इस बैठक में मुख्य सचिव अजय सिंह, गृह विभाग के एसीएस अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह, प्रदेश पुलिस महानिदेशक एएन उपाध्याय, विशेष पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

बढ़ती नक्सली घटनाएं भाजपा सरकार के माथे का सबसे बड़ा कलंक : कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बढ़ती नक्सल घटनाएं भाजपा सरकार के माथे का सबसे बड़ा कलंक है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री को अपनी विदाई की बेला में नक्सल समस्या और नक्सल क्षेत्रों की कानून व्यवस्था की अनमने ढंग से या दिखावे के लिये समीक्षा करने की नौबत आई दुर्भाग्यजनक है कि राज्य के एक वरिष्ठ मंत्री अपनी सरकार की विफलता को छुपाने के लिये नक्सली हिंसा को प्रचारित होने से दबाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा, नक्सल समस्या को लेकर दिग्भ्रमित हैं। आम नागरिक और पत्रकार तथा सुरक्षा बलों के जवान शहीद हो जायें, उनके शहादत की घटनायें खबर भी न बने ताकि भाजपा सरकार की नाकामी जनसमुदाय तक न पहुंच पाये। रमन सरकार अपने 15 वर्ष के शासनकाल में सभी मोर्चा पर विफल साबित हुई। भाजपा सरकार नक्सल उन्मूलन के नाम पर भारी भरकम बजट के भ्रष्टाचार में भी लिप्त रही।

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