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छत्तीसगढ़ / डेढ़ साल की बेटी ने दी शहीद को मुखाग्नि, मंडावी परिवार में दो साल में दो शहादत

  • सम्मान देने उमड़ा जनसैलाब, साथी बोले- शहादत का बदला लेंगे

दंतेवाड़ा/बारसूर. नीलावाया में मंगलवार को शहीद हुए जवान मंगलू मंडावी का पार्थिव शरीर बुधवार को कासोली पहुंचा। यहां अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। मंगलू के परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल था। जब पिता की चिता पर डेढ़ साल की बेटी जान्हवी से रस्में पूरी करवाई गईं तो सभी की आंखें नम हो गईं।

मंगलू के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव भी पहुंचे। मंडावी परिवार ने पिछले दो सालों में देश के लिए दो शहादतें दी है। अभी भी परिवार के कई सदस्य नक्सलियों से जंग में शामिल हैं और वो भी शहादत देने को तैयार हैं। इधर नीलावाया में हुई घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और भी बढ़ा दी गई है। कासोली जाने वाले मार्ग पर करीब 6 किलोमीटर सुरक्षा जवानों का पहरा रहा। मुख्य मार्ग से लेकर मुक्तिधाम तक जगह-जगह जवान तैनात रहे।

नक्सलियों से परेशान होकर ही छोड़ा था गांव : मंगलू का परिवार कासोली के सलवा जुडूम कैम्प में रहता है। सलवा जुडूम के शुरुआती दौर में इंद्रावती नदी पार गांव के ओड़छा में नक्सलियों ने ग्रामीणों पर ही प्रहार शुरू कर दिया था। सैकड़ों परिवार घर-बार, पूर्वजों की संजोयी संपत्ति छोड़ने मजबूर हुए थे। इनमें एक परिवार मंगलूराम का भी था।

 

पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी। दो भाइयों को एसपीओ की नौकरी मिली। 2015 में तुमनार साप्ताहिक बाज़ार में ड्यूटी पर तैनात बड़े भाई मंगड़ूराम व उनके भतीजे सहायक आरक्षक मुन्ना मंडावी पर भी नक्सलियों ने हमला किया था जिसमें बड़े भाई की शहादत हो गई थी जबकि भतीजा मुन्ना उपचार के बाद स्वस्थ्य हो गया। परिजनों ने बताया कि एक ही परिवार के दो सदस्यों पर हमले के बाद भी मंगलू ने हार नहीं मानी थी वह निर्भिक था।

 

सहायक आरक्षक भतीजा मुन्ना ने बताया कि चाचा हमेशा मेरा मनोबल बढाते थे। दो साल पहले अरनपुर थाना में पदस्थ हुए थे चाचा की शहादत पर गर्व है। मांग ये है कि उनकी पत्नी को नौकरी मिल जाए ताकि जीवन गुज़ारा करने में परेशानी न हो।

 

Sahid

 

बेटी को अफसर बनाना चहते थे शहीद मंगलू : मंगलू की पत्नी सोमली का रो- रोकर बुरा हाल है। 15 साल पहले शादी हुई थी। पहले 4 साल के बेटे और अब पति की मौत हो गई। सोमली ने बताया कि एक साल की बेटी जानवी है जिससे मंगलू बहुत प्यार करता था। वह बेटी को अफसर बनाना चाहता था पत्नी ने बताया कि दशहरा के वक़्त वे घर आए थे।

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