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चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए तरह-तरह की अर्जियां; अफसर बोले- शादी है तो बुकिंग दिखाओ

  • आचार संहिता लगने के बाद 500 अर्जियां पहुंचीं, 400 खारिज की गईंं
  • बीमारी बताकर छुट्‌टी मांगने वालों से अफसरों ने मांगा मेडिकल बोर्ड का सर्टिफिकेट

रायपुरएक अर्जी देने वाले ने कहा- “सर 12 नवंबर को मेरी बेटी की शादी है। इसी दिन मतदान है, मैं चुनाव ड्यूटी कैसे कर पाऊंगा। ये देखिए शादी का कार्ड।” अफसर ने कहा- “शादी का कार्ड तो कहीं से भी छपवा सकते हैं। आप चुनाव ड्यूटी से बचने का बहाना बना रहे। आपको पता नहीं है क्या कि चुनाव अभी सबसे महत्वपूर्ण काम है।” अर्जी देने वाले ने कहा- “नहीं सर मैं झूठ नहीं बोल रहा। सच में मेरी बेटी की शादी है। मैंने कोई गलत कार्ड नहीं छपवाया। ये देखिए मंगल भवन की बुकिंग की रसीद। और ये टेंट और केटरिंग वाले को दिए एडवांस की रसीद।” अफसर ने कहा कि ठीक है। आपकी छुट्‌टी स्वीकृत की जाती है।

कलेक्टर यानी जिलों के रिटर्निंग ऑफिसर के दफ्तर में ऐसे मामले हर दूसरे-तीसरे दिन आ रहे हैं। शादी से लेकर बीमारी और निधन के आधार पर छुटि्टयां मांगी जा रही हैं। ऐसे आवेदनों से तंग आकर रायपुर कलेक्टर ने नोटिस लगवा दिया है कि मेडिकल बोर्ड का सर्टिफिकेट दिखाने पर ही छुट्‌टी दी जाएगी। आचार संहिता लगने के बाद करीब 500 अर्जियां कलेक्टर के पास पहुंच चुकी हैं। इनमें से चार सौ आवेदन खारिज कर दिए गए। बहानेबाजों के लिए चेतावनी का नोटिस भी लगा दिया गया है कि गलत जानकारी प्रस्तुत करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

 

परिजन को भेज रहे आवेदन लेकर: छुट्‌टी की अर्जी लेकर कई कर्मचारी और शिक्षक दफ्तर और स्कूल के समय कलेक्टोरेट पहुंच रहे थे। उनसे जब ड्यूटी के समय में पहुंचने को लेकर सवाल किया गया तो जवाब नहीं दे पाए। ऐसे में अब ज्यादातर लोग अपने परिजन या रिश्तेदार के हाथों आवेदन दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार ज्यादातर मामलों में सद्भावनापूर्वक ही सुनवाई की जाती है। कई शादी या शोक का कार्ड लेकर तो पहुंचे, लेकिन जब उनसे भवन की बुकिंग या टेंट की रसीद मांगी गई तो नहीं दे सके।

ग्रामीण क्षेत्रों से ज्यादा अर्जियां: छुट्‌टी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से ज्यादा अर्जियां आ रही हैं। शहर के स्कूलों में बिजली, पानी, साफ-सफाई या भोजन की व्यवस्था हो जाती है, लेकिन देहात में इसकी अच्छी व्यवस्था नहीं होती। दूरदराज के कई क्षेत्र ऐसे भी होते हैं, जहां पैदल चलना पड़ता है। कुछ ने बताया कि कई कर्मचारियों के लिए चुनाव ड्यूटी पिकनिक की तरह होता है, लेकिन जो लोग घर के बाहर खाना नहीं खाते, उनके लिए दो-तीन दिन बड़ी मुश्किल से गुजरते हैं।

 

छुट्‌टी के लिए बता रहे इस तरह के कारण: 

 

  • बेटे या बेटी की शादी
  • रिश्तेदार की मौत।
  • खुद की या माता-पिता की बीमारी।

और ये बीमारी सबसे टॉप पर:  

 

  • ब्लड प्रेशर।
  • शुगर।
  • दिल की बीमारी।
  • अस्थमा।

 

एक नजर इस पर भी: 

 

  • 500 से ज्यादा अर्जियां पहुंच चुकीं अब तक।
  • 350 आवेदन सिर्फ बीमारी के अाधार पर।
  • 150 लोगों ने शादी, शोक के कारण मांगी छुट्‌टी।
  • 80 से 100 कर्मचारियाें की छुटि्टयां मंजूर।

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