Sun. Apr 7th, 2019

गीधा मामले की जांच करने पहुंचीं एक्टिविस्ट ममता

गीधा मामले में मीडिया से बातचीत करती एक्टिविस्ट ममता शर्मा। बीजेपी नेताओं और एबीवीपी की शिकायतों को बताया…

गीधा मामले में मीडिया से बातचीत करती एक्टिविस्ट ममता शर्मा। 

बीजेपी नेताओं और एबीवीपी की शिकायतों को बताया अफवाह। 


रायगढ़ / होली के दिन खरसिया थाने के गीधा गांव में 20 साल की युवती से दुष्कर्म की कोशिश और हत्या के प्रयास के मामले में सोशल एक्टिविस्ट ममता शर्मा की टीम ने पुलिस की जांच को सही बताया। 

जांच पूरी करने के बाद ममता ने मीडिया से बात की और इस मामले में पुलिस द्वारा पक्षपात के आरोपों को झूठा बताया। उल्लेखनीय है कि युवती के प्रेमी गणपत राठिया उर्फ गोलू ने जान से मारने की कोशिश की थी। घटना के बाद से युवती रायपुर के बालाजी हॉस्पिटल के आईसीयू में एडमिट है। मामले में आरोपियों पर की गई करवाई से कई लोग संतुष्ट नहीं है। लोग खरसिया पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगा रहे है। लगातार रैलियां निकालकर पुलिस अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा जा रहा है। इसी बीच नेशनल फेडरेशन सोसायटी फॉर फास्ट जस्टिस की टीम ने रायगढ़ पहुंचकर जांच की। टीम से छत्तीसगढ़ की संयोजक ममता शर्मा अपने सहयोगियों के संग रायगढ़ आई हुई थी। टीम ने घटनास्थल पर जाकर पीड़ित के परिवार, गांव वालों और जेल में आरोपी से भी मुलाकात की। मामले में पूरी पुलिस रिपोर्ट की को क्रॉस चेक किया गया। ममता ने मामले में कहा कि आरोपी गणपत को पहाड़ में छिपने में मदद करने वाले उसके दोस्त पर भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए । यही व्यक्ति कथित कांग्रेसी सरपंच का बेटा है। जिसको पुलिस द्वारा पूछताछ के बाद छोड़े जाने का सभी विरोध कर रहे हैं। 

डायल 112 सूचना मिलने के घंटे भर बाद पहुंची 

ममता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पूरे घटनाक्रम में डायल 112 का सबसे बड़ा फैलियर रहा है । रायगढ़ अस्पताल में पीड़िता को लाने के बाद 4 बजे डायल 112 को सूचना दी गई थी । डायल 112 की गाड़ी 1 घंटे बाद शाम 5 बजे पहुंची। तब तक पीड़िता को रायपुर के लिए रेफर कर दिया गया था। मेडिकल कॉलेज अस्पताल से पीड़िता को जिंदल पहुंचाने के लिए 800 रुपए और जिंदल से रायपुर के लिए साढे 18000 लिए गए। डिस्चार्ज के दौरान भी हॉस्पिटल में लगभग 10000 बिल परिवार में जमा किया। ममता ने कहा ये सारी मदद सरकार से मिलनी चाहिए।