कोरोना पर नियंत्रण के लिए लॉकडाउन के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार व राज्य सरकारों को विचार करने की दी सलाह…!

नई दिल्ली, 3 मई । देश में कोरोना वायरस  की दूसरी लहर को काबू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से लॉकडाउन पर विचार करने की बात कही है. सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों से कहा है कि वे लोक कल्याण के हित में दूसरी लहर के वायरस पर अंकुश लगाने के लिए लॉकडाउन लगाने पर विचार कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से यह बात ऐसे समय कही गई है जब देश में कोरोना वायरस के नए मामले चार लाख के करीब पहुंच गए हैं।

शीर्ष न्यायालय ने यह भी कहा कि :

“लॉकडाउन लगाने से पहले सरकार ये भी सुनिश्चित करे कि इसका सामाजिक और आर्थिक प्रभाव कम पड़े। कोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों पर लॉकडाउन का असर पड़ सकता है उनके लिए खास इंतज़ाम किये जायें।”

कोरोना वायरस की दूसरी लहर में स्थिति को गंभीर होते देख सुप्रीम कोर्ट ने खुद ही मामले का संज्ञान लेते हुए कहा है कि अगर किसी मरीज के पास किसी राज्‍य/केंद्र शासित प्रदेश का स्‍थानीय पता प्रमाण पत्र या आईडी प्रूफ नहीं है तो भी उसे हॉस्पिटल में भर्ती करने और जरूरी दवाएं देने से मना नहीं किया जा सकता है।