शिक्षा के लिये समर्पित शिक्षक सच्चिदानंद पटनायक आज होंगे सेवानिवृत्त.. राष्ट्रपति, राज्यपाल सहित कई पुरूस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित

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घरघोड़ा। जैसा कि सभी को विदित है कि शासकीय सेवक को एक दिन अपनी अधिवार्षिकी पूर्ण कर शासकीय सेवा से निवृत्त होना ही पड़ता है। परंतु कुछ व्यक्तित्व ऐसा होते हैं, जिनके सेवानिवृत्त होने से सभी को निराशा की अनुभूति होती है। ऐसे ही एक कार्यकुशल, मृदुभाषी, मिलनसार, कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक श्री सच्चिदानंद पटनायक जी आज अपने शासकीय सेवा से निवृत्त हो रहे हैं। श्री पटनायक जी का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। अपने सेवाकाल में उन्होंने जो कीर्तिमान रचे हैं, वे सब उनके कार्य के प्रति लगन, निष्ठा एवं समर्पण को प्रदर्शित करते हैं।

श्री पटनायक जी का जन्म अविभाजित मध्यप्रदेश के रायगढ़ जिले के तमनार विकास खंड के ग्राम समकेरा में दिनाँक- 10 अप्रैल 1959 को हुआ। इनके पिताजी श्री चक्रधर पटनायक भी एक शिक्षक ही थे, इस कारण बाल्यावस्था से ही शिक्षकीय कार्य का बीजारोपण इनके मस्तिष्क में हो गया था। इनकी माताजी श्रीमती प्रभादेवी पटनायक एक सुघड़ गृहिणी एवं धर्मपरायण महिला थीं। माता पिता के स्नेह सानिध्य एवं सुसंस्कारों में रहते हुये इन्होंने प्राथमिक शिक्षा अपने गाँव समकेरा के ही प्राथमिक विद्यालय से पूर्ण की तत्पश्चात माध्यमिक शिक्षा लिबरा, उच्चतर माध्यमिक शिक्षा तमनार एवं महाविद्यालयीन शिक्षा रायगढ़ से पूरी की। इतिहास एवं राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि ग्रहण करने के पश्चात दिनाँक- 01 दिसम्बर 1984 को प्राथमिक शाला गोढ़ी से अपने शिक्षकीय जीवन की शुरूआत की। तदंतर में 22 जुलाई 1988 से 26 दिसम्बर 1990 तक शासकीय कन्या प्राथमिक शाला घरघोड़ा में कार्यरत रहे। 27 दिसम्बर 1990 से 17 जुलाई 2006 तक के सुदीर्घ कार्यकाल में आपने प्राथमिक शाला टेरम में कार्यरत रहते हुए शिक्षक समाख्या योजना में उल्लेखनीय कार्य किया। विद्यालयों में प्रिंट रिच वातावरण के निर्माण की आज जो हवा चल रही है, श्री पटनायक जी इस कार्य को टेरम में एवं 18 जुलाई 2006 से 31 जनवरी 2009 तक कन्या प्राथमिक शाला घरघोड़ा में रहते हुये किया था। उस समय यह बाकी शिक्षकों एवं बच्चों के लिये बहुत की कौतूहल का विषय था। तदन्तर में 31 जनवरी 2009 से 22 जुलाई 2019 तक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अनुसूचित जाति मोहल्ला घरघोड़ा में सेवाएं प्रदान करते हुए विद्यालय को आकर्षक स्वरूप दिया साथ ही यहाँ के बच्चों की भलाई के लिये प्रधान पाठक एवं व्याख्याता के पद पर दो बार पदोन्नति को भी त्याग दिया। और आज 23 जुलाई 2019 से 30 अप्रैल 2020 तक शासकीय कन्या पूर्व माध्यमिक शाला घरघोड़ा में कार्य करते हुये सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

श्री पटनायक जी को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिये विभिन्न पुरस्कारों से नवाजा गया है। सहायक शिक्षण सामग्री के निर्माण में विकास खंड, जिला एवं प्रदेश के साथ ही साथ अन्य प्रदेशों के शिक्षक गण भी सदैव सलाह लेते रहे हैं एवं स्वनिर्मित सहायक शिक्षण सामग्री के विकास खंड, जिला एवं प्रदेश स्तर पर मुख्य प्रशिक्षक रहे हैं।जो अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्पद है। इनकी पुरस्कारों की सूची निम्नानुसार है-
1.यूनिसेफ मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा 19.12.1997 को शिक्षा में नवाचार हेतु महत्व पत्र।

  1. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान धरमजयगढ़ द्वारा 1999 में प्राथमिक शिक्षा में गुणवत्ता सुधार हेतु प्रशस्ति पत्र।
  2. उत्कृष्ट शिक्षकीय कार्य हेतु 2005 में जिला स्तर पर शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित।
  3. गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भारत की जनगणना में उत्कृष्ट कार्य हेतु 2004 में महामहिम राष्ट्रपति द्वारा सम्मान पत्र एवं रजत पदक।
  4. सन 2011 में महामहिम राज्यपाल महोदय छत्तीसगढ़ द्वारा लोकसेवा,अनुकरणीय अध्यापन एवं उत्कृष्ट कार्य हेतु राज्यपाल पुरस्कार।
  5. सन 2012 में महामहिम राष्ट्रपति महोदय श्री प्रणव मुखर्जी द्वारा विशिष्ट प्रतिभा सम्पन्न शिक्षक के रूप में समाज की बहुमूल्य सेवा के लिये राष्ट्रपति पुरस्कार।
  6. सन 2017 में महामहिम राज्यपाल महोदय श्री बलराम दास जी टण्डन द्वारा पुस्तक लेखन, नवाचार, नव अनुप्रयोगों, बच्चों के आत्मविश्वास बढ़ाने एवं कार्य के प्रति लगनशीलता के लिए राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति
    पुरस्कार।
  7. तुलसी मानस प्रतिष्ठान छत्तीसगढ़ द्वारा 2003 में प्रशस्ति पत्र।

आज श्री पटनायक जी शासकीय सेवा से निवृत्त हो रहे हैं, शासकीय कार्य से उन्हें मुक्त किया जा रहा है लेकिन विकास खण्ड, जिले, राज्य के सभी शिक्षक साथी, शिष्यगण एवं शिक्षक समुदाय से भी जो शिक्षक उनसे लगातार सीखते आ रहे थे, वे सभी उन्हें आजीवन कार्यमुक्त नहीं होने देंगे। उनकी कार्यकुशलता, मॄदुभाषिता के कारण ही वे अपने विभाग, शिक्षक साथी और शिष्यों के बीच लोकप्रिय हैं। उनके सेवानिवृत्ति के अवसर पर वरिष्ठ सेवानिवृत्त शिक्षक श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा, विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री के. पी. पटेल, प्राचार्य श्री राजेश मिश्रा,श्री बी.एस. राहा, श्री शैलेन्द्र कर्ण, छ. ग. प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री संतोष पांडेय एवं विकास खण्ड के सभी शिक्षक साथी, अधिकारियों, गणमान्य नागरिकों ने उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की है।