फिर दुनिया के सामने बेनकाब हुआ पाकिस्तान, अमेरिका में 'लेडी अल कायदा' आफिया सिद्दीकी की रिहाई का प्लान फेल

एफबीआई ने टेक्सास के एक यहूदी सभागार में चार लोगों को बंधक बनाने वाले एक संदिग्ध पाकिस्तानी व्यक्ति को मार गिराया। ये आतंकी पाकस्तिानी न्यूरोसाइंटस्टि की रिहाई की मांग कर रहा था। इस घटना के बाद एक बार फिर से पाकिस्तान का आतंकी चेहरा दुनिया के सामने आ गया। मारे गए अपहरणकर्ता ने शनिवार को अफगानस्तिान में अमेरिकी सैनिकों को मारने की साजिश रचने वाली एक पाकिस्तानी न्यूरोसाइंटिस्ट की रिहाई की मांग की थी। इससे पहले इस्लामाबाद ने भी बार-बार वाशिंगटन से सिद्दीकी की रिहाई की मांग की है। ये मांग पाकिस्तान और उसके चरमपंथी हलकों में खूब होती रही है। लेकिन अमेरिका-पाकिस्तान आतंकवाद की लड़ाई की ताजा कड़ी शनिवार सुबह उस समय शुरू हुई, जब खुद को मोहम्मद सिद्दीकी बताने वाले एक व्यक्ति ने डलास-फोर्थ वर्थ इलाके के कॉलीविले में एक यहूदी सभागार में चार यहूदियों को बंधक बना लिया और अधिकारियों से अपनी “बहन” आफिया सिद्दीकी को रिहा करने की मांग की जो कार्सवेल में 22 मील दूर फेडरल मेडिकल सेंटर में कैद है।

‘अमेरिका में कुछ गड़बड़ है।’

12 घंटे के गतिरोध के दौरान, आफिया सिद्दीकी के परिवार के एक वकील ने मीडिया को बताया कि अपराधी सिद्दीकी का भाई नहीं था और “वह नहीं चाहती कि किसी भी इंसान के खिलाफ, विशेष रूप से उसके नाम पर कोई हिंसा की जाए।” बंधक बनाने वाले ने दावा किया था कि वह बमों से लैस है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान एक व्यक्ति का ऑडियो भी कैप्चर किया गया था, जिसमें उसे कहते सुना गया कि ‘तुम मेरी बहन को फोन पर बुलाओ’ और ‘मैं मरने वाला हूं।’ उसने कहा, ‘अमेरिका में कुछ गड़बड़ है।’

आफिया ने हमलावरों से खुद को दूर किया 

सिद्दीकी के वकील मारवा एल्बियल ने सीएनएन को फोन पर बताया, “जाहिर है इसका डॉ सिद्दीकी या उनके परिवार से कोई लेना-देना नहीं है। हमलावर कोई भी हो, हम चाहते हैं कि उसे पता चले कि उसके कृत्यों की डॉ सिद्दीकी और उनका परिवार निंदा करता है, हम आपसे (बंधक बनाने वाले से) तुरंत बंधकों को रिहा करने और खुद को पुलिस के हवाले करने का अनुरोध करते हैं।” देर से शाम को, एक एफबीआई बंधक बचाव दल, जो क्वांटिको में ब्यूरो के मुख्यालय से आया था, ने सभागार पर धावा बोला और इस दौरान दो बंधक छूटकर भाग गए। स्थानीय मीडिया ने कहा कि एक विस्फोट और गोलियों की आवाज सुनी गई, और इसके तुरंत बाद अधिकारियों ने घोषणा की कि सभी बंधक मुक्त और सुरक्षित हैं और बंधक बनाने वाला मर गया है।

आफिया सिद्दीकी को “लेडी अल कायदा” कहते हैं लोग

इस्लामाबाद ने लंबे समय से आफिया सिद्दीकी की रिहाई की मांग की है, जिसकी चरमपंथी हलकों में काफी पहुंच मानी जाती है। जब उसने बोस्टन में मास्टर्स और पीएचडी की पढ़ाई की, तो पाकिस्तान जाने और आने, अल कायदा के साथ उसके संबंध, और फिर उसका पकड़ा जाना, एक बड़ा आतंकी भंडाफोड़ साबित हुआ था। आतंकी समूह के साथ अपने संबंधों के लिए मीडिया के वर्गों द्वारा “लेडी अल कायदा” के रूप में पहचानी जाने वाली आफिया को पाकिस्तान के लोग “राष्ट्र की बेटी” के रूप में मानते हैं।

कभी आफिया के लिए अदला-बदली करना चाहता था पाक

पाकिस्तानी लोगों ने जेल से उसकी रिहाई के लिए अभियान चलाया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के वर्तमान प्रधानमंत्री इमरान खान ने सिद्दीकी की रिहाई को सुरक्षित करने के प्रयासों की निगरानी के लिए अपने संसदीय मामलों के सलाहकार बाबर अवान को प्रतिनियुक्त किया था। हालांकि इस प्रयास को वाशिंगटन की खामोशी का सामना करना पड़ा। वैसे अतीत में पाकिस्तानी एजेंसियां आफिया को लेकर अदला-बदली करना चाहती थीं। पाकिस्तान चाहता था कि आफिया सिद्दीकी के बदले वो अमेरिका को सीआईए कॉन्ट्रैक्टर रेमंड डेविस देगा, लेकिन इस प्रस्ताव को ओबामा प्रशासन ने खारिज कर दिया था।

पाकिस्तान का आतंक का पुराना रिकॉर्ड

पिछले काफी समय से अमेरिका-पाकिस्तान संबंध तेजी से बिगड़े हैं। परेशान इस्लामाबाद ने शिकायत की है कि बाइडेन ने सत्ता में आने के बाद इमरान खान को फोन करने तक की जहमत नहीं उठाई। अमेरिका में लगभग आधा मिलियन का एक संपन्न और प्रसिद्ध पाकिस्तानी-अमेरिकी समुदाय है, लेकिन देश के कट्टरपंथ के कारण अमेरिकी सुरक्षा प्रतिष्ठान में पाकिस्तानियों पर संदेह गहरा है। अमेरिकी मातृभूमि पर कई बड़े आतंकवादी हमले – जिनमें 9/11, टाइम्स स्क्वायर बमबारी प्रयास, और सैन बर्नार्डिनो नरसंहार जिसमें 14 लोग मारे गए थे – ये हमले पाकिस्तानी या पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादियों द्वारा किए गए थे।

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