मकर संक्रांति का पर्व इस बार 14 व 15 जनवरी को मनाया जायेगा। मिथिला पंचांग को मनाने वाले 14 व बनारस पंचांग को मानने वाले 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाएंगे।

जगन्नाथ मंदिर के पंडित सौरभ कुमार मिश्रा ने बताया कि मिथिला पंचांग से 14 जनवरी को दिन में 12 बजे के बाद पुण्य काल प्रवेश कर जाएगा। इस कारण 12 बजे के बाद मकर संक्रांति का पर्व मनाया जा सकता है। जबकि बनारस पंचांग के 14 जनवरी को रात 8:34 से भगवान भास्कर मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसी के साथ सूर्य उत्तरायण हो जाएगा और खरमास का समापन हो जाएगा।

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रात में संक्रांति लगने के कारण इसका पुण्य काल अगले दिन 15 जनवरी शनिवार को माना जाएगा। उधर संकट मोचन दरबार के पंडित चंद्रशेखर झा ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान व गरीबों के बीच ऊनी वस्त्र का दान के साथ लोग पूर्वजों के नाम से अन्न दान करें। उन्होंने बताया कि मिथिला पंचांग के अनुसार इस साल मकर संक्रांति की शुरुआत रोहिणी नक्षत्र में हो रही है। यह 14 जनवरी की रात 8:08 मिनट तक रहेगा। रोहिणी नक्षत्र को ज्योतिष शास्त्र में बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस नक्षत्र में दान-धर्म के कार्य और पूजन-पाठ करना शुभ फलदायी होता है। इसके अलावा इस पर्व पर ब्रह्म योग व आनंदादि योग भी बन रहे हैं।