मकर संक्रांति के दिन लोग रंग-बिरंगे कपड़े पहनते हैं। कुछ लोग इस दिन पील कपड़े भी पहनते हैं। भारतीय परम्परा के अनुसार धार्मिक कार्यों और उत्सव पर पीले वस्त्र को पहनना शुभ माना जाता है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि महाराष्ट्र में मकर संक्रांति के दिन काले वस्त्र पहने जाते हैं।

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काले कपड़े पहनने का कारण
हिन्दू धर्म के अनुसार इस दिन सूर्य उत्तर दिशा में प्रवेश करता है इस वजह से ऐसा माना जाता है कि इस दिन सर्दियों का सीजन खत्म हो जाता है और पतझड़ शुरू हो जाता है। इस दिन के ठीक कुछ दिन पहले सीजन की सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है और विज्ञान के हिसाब से ऐसा माना जाता है कि काला रंग गर्मी को अपने अंदर सोख लेता है, जिससे शरीर में गर्मी बनी रहती है। इसलिए लोग इस दिन काले रंग के कपड़े पहनते हैं जिससे वे सर्दी से अपना बचाव कर सके और ठीक से त्यौहार मना सकें। विविधता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध भारत में एक ही त्योहार से कई तरह की परम्पराएं जुड़ीं हुई हैं।

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माथे पर तिलक लगाना भी होता है शुभ
इस दिन माथे पर कुमकुम लगाना भी शुभ होता है। हल्दी या कुमकुम का तिलक लगाने से मन शांत होता है। साथ ही इन दोनों रंगो को शुभ माना जाता है। भारत की कुछ जगहों पर मकर संक्रांति पर दान देने के साथ सुहागिनों को कुमकुम लगाने की भी परम्परा है। तिल-गुड़, दही, खिचड़ी को दान करने के साथ इन्हें संक्रांति पर खाना शुभ माना जाता है।