बुधवार 12 जनवरी को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के चेयरेमैन रमीज राजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट में एक नया अध्याय जोड़ने का प्रस्ताव दिया था। रमीज राजा चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के अलावा इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया को मिलाकर एक 4 नेशन टी20 इंटरनेशनल सुपर सीरीज खेली जाए। बहुत लोगों को ये आइडिया नया लग रहा होगा, लेकिन असल में पीसीबी के मुखिया रमीज राजा का ये आइडिया चोरी का है, क्योंकि दो साल पहले इस आइडिया पर बातचीत हो चुकी है। अब बात करते हैं कि रमीज राजा का ये आइडिया चोरी का क्यों है?

दरअसल, फरवरी 2020 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने सबसे पहले फोर नेशन सीरीज का प्रस्ताव रखा था। बीसीसीआई के अध्यक्ष बने सौरव गांगुली को कुछ ही महीने हुए थे और उन्होंने देश में पिंक बॉल टेस्ट का आयोजन कराया था। इसके बाद वे फोर नेशन वनडे सीरीज आयोजित कराना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड का रुख किया था। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इसके लिए लगभग सहमत भी था और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड से बात जारी थी।

गांगुली ने बनाया था प्लान

हालांकि, भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के अलावा चौथी टीम कौन सी होगी, इसके लिए सहमति नहीं थी। सौरव गांगुली चाहते थे कि शीर्ष की टीम टूर्नामेंट में चौथी टीम हो और रेवेन्यू मॉडल पर काम करे। इस फोर नेशन सीरीज के लिए फ्यूचर टूर प्रोग्राम यानी एफटीपी से समय निकालने की कोशिश की जा रही थी कि कोरोना वायरस महामारी ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए थे और फिर सब ठंडे बस्ते में पड़ गया। इसके बाद कभी फोर नेशन सीरीज की चर्चा भी नहीं हो सकी, क्योंकि आईसीसी इवेंट्स के अलावा द्विपक्षीय सीरीजों के लिए भी बायो-बबल वजह से बहुत कम समय था।

वहीं, अब पाकिस्तान टीम के पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा पीसीबी अध्यक्ष रमीज राजा ने ट्वीट कर इस बात को क्रिकेट फैंस के सामने रखा कि वे भारत और पाकिस्तान के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीम को लेकर फोर नेशन टी20 इंटरनेशनल सुपर सीरीज के लिए आईसीसी के सामने प्रस्ताव रखेंगे। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि रमीज राजा का ये आइडिया चोरी का है, क्योंकि सबसे पहले बीसीसीआई प्रमुख सौरव गांगुली ने फोर नेशन सीरीज का जिक्र किया था।

मुश्किल है इस सीरीज का आयोजन 

मौजूदा समय में देखें तो फोर नेशन सीरीज का आयोजन संभव नहीं लगता। इसके पीछे कई कारण हैं। सबसे पहला कारण ये है कि हर साल अब कम से कम एक आईसीसी इवेंट होगा। इसके अलावा द्विपक्षीय सीरीज हर समय जारी रहती है और फिर हर देश की अलग टी20 लीग हो और फिर त्रिकोणीय सीरीज और एशिया कप जैसे टूर्नामेंट भी आयोजित होते हैं। ऐसे में एक बड़ी विंडो इस फोर नेशन सीरीज के लिए निकालपाना मुश्किल है।