दिल्ली में हाल ही में मारे गए एक 20 वर्षीय व्यक्ति के शव को ठिकाने लगाने के लिए इस्तेमाल की गई चादर और पॉलिथीन की थैलियों की मदद से पुलिस उन पांच संदिग्ध हत्यारों तक पहुंच गई, जो एक बेकरी चलाते हैं। युवक की गला दबाकर हत्या की गई थी। उसका शव 7 जनवरी को तिकोना पार्क इंद्रलोक में बरामद किया गया था।

पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी – अफजल अंसारी (45), सजल अंसारी (38), राशिद अंसारी (30), मोहम्मद इसराफिल (20) और मो. अबरार अंसारी (27) बिहार के जमुई जिले के रहने वाले हैं और पदम नगर इलाके में बेकरी चलाते हैं। इन्हें रविवार को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने दिल्ली के प्रताप नगर निवासी अभिषेक की हत्या करने की बात स्वीकार की है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले अभिषेक से चोरी के दो लैपटॉप 5,000 रुपये में खरीदे थे।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच से पता चला है कि तब से अभिषेक ने चोरी के लैपटॉप की खरीद के बारे में पुलिस को रिपोर्ट करने की धमकी देकर कई मौकों पर उनसे ब्लैकमेल करना और पैसे निकालना शुरू कर दिया था। वह उनसे एक लाख रुपये निकलवाने में कामयाब रहा था। अभिषेक चोरी, डकैती और सेंधमारी के करीब 20 मामलों में भी शामिल था।

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अधिकारी ने कहा कि अभिषेक 6 जनवरी को उनकी बेकरी में गया था और उनसे 20,000 रुपये की मांग की थी। इसके बाद उन्होंने उसकी ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली को रोकने के लिए उसे मारने की योजना बनाई। अधिकारी ने कहा कि अपनी योजना के अनुसार, वे उसे बगल के कमरे में ले गए और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

पुलिस ने कहा कि अभिषेक की हत्या करने के बाद आरोपियों ने उसके शरीर को एक बेडशीट में लपेट दिया, उसे पॉलिथीन की थैली में डालकर तिकोना पार्क इंद्रलोक में फेंक दिया। इस संबंध में सराय रोहिल्ला थाने में आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 201 (अपराध के सबूत मिटाने) के तहत केस दर्ज किया गया था।

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पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कलसी ने कहा कि हमने मामले को सुलझाने के लिए पुलिस की कई टीमों का गठन किया था। हमने पीड़ित के घर से ही उसकी गतिविधियों की जांच करने के लिए आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालीं। हालांकि, पदम नगर के बाहर किसी भी सीसीटीवी कैमरे में उसकी हरकत नहीं पाई गई।

जांच के दौरान, यह बात सामने आई कि अभिषेक का आरोपी व्यक्तियों के साथ कुछ विवाद था। जांच के लिए पुलिस टीम उस बेकरी तक पहुंच गई और देखा कि बेकरी में मौजूद बेडशीट और पॉलीथिन बैग बिल्कुल उस बेडशीट और पॉलिथीन बैग से मिलते-जुलते थे जिनमें अभिषेक का शव लिपटा हुआ पाया गया था। पुलिस ने कहा कि किसी भी आरोपी की पिछली कोई आपराधिक संलिप्तता नहीं पाई गई है।

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