विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमवार को कहा कि दक्षिण अफ्रीकी देशों में पाया गया कोरोना का नया वेरिएंट ओमीक्रोन विश्व के लिए बड़ा खतरा है। डब्ल्यूएचओ ने आपात बैठक के बाद तकनीकी पेपर जारी किया है और सभी देशों को सतर्क रहने की सलाह दी है। संगठन ने कहा कि कहा कि तेजी से रूप बदल रहा ओमीक्रोन कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैल सकता है। इससे संक्रमण बढ़ने का भी खतरा है जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में गंभीर नतीजे हो सकते हैं।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अभी तक दुनिया के किसी देश में ओमीक्रोन के चलते मौत की कोई खबर नहीं है, लेकिन वैक्सीन और पूर्व के संक्रमण के चलते पैदा हुई प्रतिरक्षा को बेअसर करने की इसकी क्षमता का पता लगाने के लिए अभी और अध्ययन की जरूरत है।

ओमीक्रोन वेरिएंट के तेजी से फैलने से मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि की आशंका जताते हुए संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने अपने सभी 194 सदस्य देशों से टीकाकरण में तेजी लाने, खासकर अधिक जोखिम वाले समूह के लोगों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करने का आग्रह किया।

डब्ल्यूएचओ ने कहा, ओमीक्रोन में स्पाइक प्रोटीन वाले हिस्से में बहुत ज्यादा म्युटेशन हुआ है, इनमें से कुछ महामारी की गंभीरता पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता पैदा करते हैं। समग्र रूप से इससे बहुत बड़ा वैश्विक खतरा है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस ने कहा कि ओमीक्रोन का सामने आना दर्शाता है कि स्थिति कितनी खतरनाक और अनिश्चय बनी हुई है।

इस वैरिएंट ने वैश्विक स्तर पर महामारी को लेकर एक समझौते की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है। उन्होंने इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक बुलाने की भी बात कही।

टेड्रोस ने कहा कि हमारी मौजूदा प्रणाली देशों को संभावित खतरे से दूसरे को अलर्ट करने से हतोत्साहित करती है। नए समझौते इन सभी मुद्दों को शामिल किया जा सकता है। अफ्रीका के लिए डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक मात्शिदिसो मोएती ने दक्षिणी अफ्रीकी देशों के खिलाफ यात्रा पाबंदियां लगाने की आलोचना की है और सदस्य देशों से प्रतिबंध नहीं लगाने का आग्रह किया है। उन्होंने यात्रा प्रतिबंध लगाने के बजाय वैज्ञानिक और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों का अनुपालन करने को कहा है।

वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने आगे खुलासा किया कि ओमीक्रोन बहुत ही अलग तरीके का है जिसमें स्पाइक में 26-32 सहित अधिक संख्या में म्यूटेशन होते हैं। हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या कोरोना वारयस का नया स्वरूप ओमीक्रोन डेल्टा स्वरूप समेत अन्य स्वरूपों की तुलना में अधिक संक्रामक है और क्या यह अपेक्षाकृत अधिक गंभीर बीमारी का कारण है।