सरकारी बैंक- इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने निजीकरण को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। इन दोनों बैंकों ने निजीकरण की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए बताया है कि हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

क्या दी सफाई: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने एक बयान में कहा, “जहां तक ​​मीडिया की खबरों का संबंध है, हमारे पास बैंक के निजीकरण के बारे में कोई जानकारी नहीं है। बैंक में ऐसी कोई बातचीत/कार्यक्रम नहीं हो रहा है।” वहीं, इंडियन ओवरसीज बैंक ने कहा, “हम सूचित करते हैं कि हमें डीएफएस/भारत सरकार से बैंक के निजीकरण के संबंध में सूचना नहीं मिली है और हम स्टॉक की कीमत में अचानक उतार-चढ़ाव के कारणों से अनजान हैं। यह अटकलों के कारण हो सकता है।”

बता दें कि बुधवार को, इंडियन ओवरसीज बैंक के शेयर एनएसई पर 13.64 फीसदी बढ़कर 22.50 रुपये पर बंद हुए। वहीं, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में 9.98 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

क्यों उड़ी अफवाह: दरअसल, संसद के शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक 2021 पेश करेगी। प्रस्तावित कानून उन 26 विधेयकों की सूची में शामिल है जिन्हें सत्र के दौरान पेश किया जाना है। विधेयक का उद्देश्य दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण करना है। इसी के बाद दोनों बैंकों के निजीकरण को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।