हाथ में राहु क्षेत्र व्यक्ति के जीवन में गहरा असर डालता है। इस पर्वत से निकलने वाली रेखाएं कई तरह से व्यक्ति को प्रभावित करती हैं। हाथ में मंगल पर्वत से निकलकर जीवन और भाग्य रेखा का काटते हुए मस्तिष्क रेखा को छूकर अथवा इसे भी काटकर हृदय रेखा तक जाने वाली रेखाएं राहु की रेखाएं होती हैं। व्यक्ति के हाथ में एक से लेकर चार तक राहु की रेखा हो सकती हैं। राहु की रेखा का होना दोषपूर्ण माना गया है। जिस आयु में मस्तिष्क, भाग्य और जीवन रेखा को राहु की ये रेखाएं काटती हैं, उसमें व्यक्ति को परेशानी देती हैं। 
यदि राहु की रेखाएं जीवन रेखा को काट रही है तो व्यक्ति का कुटुम्ब और संतान को कष्ट देती हैं। स्वास्थ्य, भाग्य रेखा को काटने पर जीवनसाथी को रोग, व्यापार में नुकसान और चिंता का संकेत करती हैं। यदि राहु की रेखाएं मस्तिष्क रेखा को काट रही है तो उस साल में संबंधी की मृत्यु, हानि और बीमारी का संकेत करती है।

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हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार मंगल से निकलकर मस्तिष्क रेखा तक जाने वाली रेखा, मस्तिष्क रेखा को काटकर आगे बढ़ने वाली रेखा से ज्यादा नुकसानदायी होती है। यदि हाथ में मस्तिष्क रेखा और जीवन रेखा पर ही राहु की रेखा पर रुक जाती है तो यह और भी अधिक दोषपूर्ण स्थिति हो जाती है। यदि राहु रेखा मस्तिष्क रेखा के उद्भव स्थल हो तो यह और ज्यादा खराब फल देती है। 
ऐसी स्थिति में राहु रेखा संबंधित वर्ष में जीवन में उतार-चढ़ाव, उथल-पुथल, रोग, मृत्यु और दुर्घटना जैसे परिणाम देती है। यदि राहु रेखा किसी वजह से दोषपूर्ण है तो यह व्यक्ति को पतन की ओर ले जाती है। इस स्थिति में व्यक्ति जेल तक जा सकता है। किसी दुर्घटना का सामना भी करना पड़ सकता है। 
 (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)