कोरोना महामारी ने बीमा की अहमियत से हम सभी को रूबरू कर दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना के बाद से जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ऐेसे में अगर आप भी अपने या परिवार के लिए टर्म प्लान बीमा लेने की तैयारी कर रहे हैं तो पॉलिसी का चयन करने से पहले पूरी जानकारी बीमा कंपनी को जरूर मुहैया कराएं। आपकी छोटी से गलती बाद में परेशानी का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं कि टर्म प्लान खरीदते समय किन गलतियों से बचना चाहिए।

बीमा कंपनी को पूरी जानकारी दें

टर्म प्लान खरीदते समय सबसे आम गलतियों में एक यह है कि कुछ बीमाधारक अपनी मेडिकल हिस्ट्री का खुलासा नहीं करते हैं। ऐसा करने की मुख्य वजह यह होती है कि कहीं मेडिकल हिस्ट्री का खुलासा किया तो पॉलिसी नहीं खरीद पाएंगे या अधिक प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है। हालांकि ऐसा करने पर दावे के समय दिक्कत आ सकती है क्योंकि बीमा कंपनी इसके भुगतान को खारिज कर सकता है। इसलिए बीमा कंपनी को सारी जानकारी जरूर मुहैया कराएं।

छोटी अवधि का बीमा लेना

टर्म प्लान खरीदते समय एक और बड़ी गलती यह होती है कि बहुत सारे लोग छोटी अवधि के लिए कवर लेते हैं। हालांकि, इससे वर्तमान में कम प्रीमियम चुकाना पड़ता है, लेकिन पॉलिसी अवधि खत्म होने के बाद जब अगला प्लान खरीदने पर प्रीमियम का बोझ काफी बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए 25 साल की उम्र में 10 साल की अवधि का प्लान चुनते हैं तो 35 वर्ष की उम्र में 10 साल के लिए अगला प्लान खरीदना पड़ेगा जो महंगा पड़ जाएगा। इसकी बजाय 25 वर्ष की ही उम्र में 30 साल के लिए प्लान खरीदना सही रहेगा।

प्रीमियम को खरीदने का पैमाना बनाना

टर्म प्लान चुनते समय सिर्फ प्रीमियम को ही मानक न बनाएं। कई प्लान में प्रीमियम सस्ते प्लान हो सकते हैं लेकिन उसमें कई लाभ शामिल नहीं हो सकते हैं। इसलिए अपनी जरूरत के अनुसार ही बीमा का चयन करें। इसके अलावा प्लान खरीदने से पहले दावा निपटारे को लेकर बीमा कंपनियों का रिकॉर्ड जरूर चेक कर लें। यही नहीं, टर्म पॉलिसी खरीदने की योजना को भविष्य पर न छोड़ दें। इसे जितने जल्दी खरीदेंगे, उतना ही कम प्रीमियम चुकाना पड़ेगा।