गांजा तस्करी के मामले में छत्तीसगढ़ लगातार सुर्खियों में है। आये दिन गांजे की बड़ी खेप पकड़ी जा रही है। महासमुंद जिले में मंगलवार को फिर एक गांजा तस्करी का मामला फूटा है। हर बार की तरह तस्करों ने इस बार भी नया तरीका अपनाया, लेकिन पुलिस को चकमा नहीं दे पाए। पुलिस ने हरी मिर्ची के नीचे गांजा छिपाकर तस्करी करते मध्य प्रदेश के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मिर्ची के नीचे 323 किलो गांजा छिपाकर रखा गया था। जब्त गांजे की कीमत कीमत 64 लाख रुपए आकी गई है। आरोपियों के खिलाफ बसना थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।

महासमुंद एसपी दिव्यांग पटेल ने बताया कि ओडिशा से महासमुंद के रास्ते मध्य प्रदेश गांजा तस्करी की सूचना मिली थी। तत्काल पुलिस टीम को जांच के लिए लगाया गया। पदमपुर ओडिशा से बसना महासमुंद की तरफ पिकअप वाहन CG 04 LS 1877 तेजी से आ रहा था।वाहन को राष्ट्रीय राजमार्ग-53 के बसना स्थित पलसापाली बैरियर पर रोका गया। वाहन में शिवम तिवारी (22) निवासी ग्राम बडवरा, तहसील उचेहरा, जिला-सतना (मध्य प्रदेश) तथा प्रमोद तिवारी (37) निवासी कसियारी, तहसील-जेबा, जिला रीवां (मध्य प्रदेश) सवार थे। पूछताछ करने पर दोनों अलग-अलग जवाब देने लगे। तलाशी लेने पर वाहन में हरी मिर्ची (Green Chilli) के नीचे 12 प्लास्टिक की बोरियों में 323 पैकेट गांजा मिला। गांजे को एक-एक किलो के पैकेट में टेप से लपेटा गया था। बसना थाना की पुलिस ने गांजा व वाहन सहित कुल 70 लाख रुपए का माल जब्त किया गया है। आरोपियों ने उक्त गांजा को ओडिशा से मध्य प्रदेश लेकर जाना बताया।

सप्ताहभर में महासमुंद पुलिस की तीसरी बड़ी कार्रवाई 
16 नवंबर को सिंघोड़ा पुलिस ने कद्दू के नीचे भारी मात्रा में गांजा छिपाकर तस्करी कर रहे दो आरोपियों को गिरप्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से 86 लाख रुपए का 390 किलो गांजा बरामद किया था। आरोपी गांजा को ओडिशा से अंबिकापुर-सरगुजा ले जा रहे थे। वहीं 18 नवंबर को दो अंतरराज्यीय तस्करों से 83 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया था, जिसकी कीमत 16 लाख रुपये आकी गई थी। अब 23 नवंबर को 323 किलो गांजा बरामद किया गया है। सप्ताहभर में महासमुंद पुलिस की यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है।