सिखों के एक संगठन ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के खिलाफ अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सिख समुदाय के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए सोमवार को मुंबई में एक शिकायत दर्ज कराई है। इससे पहले संगठन ने रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर कंगना को दिया गया पद्मश्री सम्मान वापस लेने का आग्रह किया था। डीएसजीएमसी के मुताबिक, कंगना सांप्रदायिक तौर पर नफरत फैलाने के अलावा एक धार्मिक समुदाय को निशाना बना रही हैं और लगातार किसानों तथा स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान कर रही हैं। सोशल मीडिया पर कथित रूप से देशद्रोही और अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर सिख संगठन ने शनिवार को कंगना के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

खार पुलिस थाना के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (डीएसजीएमसी) से एक शिकायत प्राप्त हुई और वह इस पर गौर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता एवं डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने रनौत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

अधिकारी ने शिकायत के हवाले से बताया कि इसमें डीएसजीएमसी ने उल्लेख किया कि कंगना ने जानबूझकर और इरादतन किसानों के विरोध (किसान मोर्चा) को खालिस्तानी आंदोलन के रूप में चित्रित किया और सिख समुदाय को खालिस्तानी आतंकवादी भी करार दिया। इसमें दावा किया गया कि उन्होंने 1984 और उससे पहले हुए नरसंहार को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से एक सुनियोजित कदम के रूप में बताया।

अधिकारी ने कहा कि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंगना ने सिख समुदाय के खिलाफ बहुत अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है, यहां तक कि उन्होंने कहा है कि सिखों को उनके (इंदिरा गांधी के) जूतों के नीचे कुचल दिया गया था। इसमें यह भी कहा गया कि उनकी ओर से दिया गया यह बयान सबसे अपमानजनक और तिरस्कारपूर्ण है, जिसने दुनिया भर में सिख समुदाय की भावनाओं को आहत किया है।

डीएसजीएमसी ने कंगना के खिलाफ धारा 295 (ए) और भारतीय दंड संहिता की अन्य सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है ताकि भविष्य में वह अपनी कुटिल और दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार न फैला पाएं। प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पश्चिम) संदीप कार्निक से भी मुलाकात की।

राष्ट्रपति से की कंगना का पद्मश्री वापस लेने की मांग

रविवार को राष्ट्रपति को लिखे अपने पत्र में डीएसजीएमसी एवं शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि कंगना 1984 के सिख विरोधी दंगों का उल्लेख कर जानबूझकर सिखों को उकसाने का काम कर रही हैं। सिरसा ने कहा कि वह इस सम्मान की पात्र नहीं हैं। वह भारत की मूल भावना का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं, जो सभी के लिए सद्भाव और अच्छाई पर आधारित है। सामाजिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए किसानों, सिखों और स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने के लिए कंगना से पद्मश्री सम्मान को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। सिरसा ने कहा कि डीएसजीएमसी का एक प्रतिनिधिमंडल इस मामले को लेकर सोमवार को महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल से मिलने और कंगना रनौत के खिलाफ खार पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए मुंबई जाएगा।