तो क्या चीन और भारत के बीच युद्ध जैसे हालात बनने लगे हैं? क्या दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ सकती हैं? सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि एक तरफ चीन ने जब अपने एडवांस रेंज के रॉकेटों को भारतीय सीमा से लगी ऊंचाई के क्षेत्रों पर तैनात किया तो भारत ने भी जवाब में बोफोर्स तोपें उतार दी। बुधवार को खबर सामने आई कि भारत ने बोफोर्स तोप अरुणाचल प्रदेश में चीन से लगे अग्रिम चौकियों पर तैनात किये हैं। पूर्वी लद्दाख के इलाके में चीन के साथ पिछले कई महीनों से गतिरोध जारी है।

इस बीच अरुणाचल के सीमावर्ती इलाकों में बोफोर्स तोप को तैनात करने का भारत का यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।यह सच है कि सीमा पर चीन कभी भी चालबाजी से बाज नहीं आया और वहां उसकी पहचान पीठ पर खंजर घोंपने वाले की है। भारत ने बोफोर्स और अन्य घातक हथियार यूं ही नहीं तैनात किये हैं। दरअसल हाल ही में चीन ने भारत से सटी सीमा के पास स्थित ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर अपने 100 एडवांस लॉन्ग-रेंज रॉकेट तैनात किये हैं। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी ने हिमालय के इलाकों में पड़ने वाली कड़ाके की सर्दी की तैयारी की है।

इतना ही नहीं, चीनी सेना ने एलएसी के नजदीक 155 एमएम कैलिबर की PCL-181 सेल्फ प्रोपेल्ड हॉवित्जर को भी तैनात किया हुआ है। यह तैनाती M777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर के साथ भारतीय सेना की तीन रेजिमेंटों की तैनाती के जवाब में बचाव में की गई है। ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की रिपोर्ट में चीनी सेना के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि चीन ने भारत के साथ अपनी हाई एल्टिट्यूड वाली सीमा पर 100 से अधिक एडवांस लॉन्ग रेंज रॉकेट लॉन्चर्स को तैनात किया है। चीन ने LAC पर PHL-03 लॉन्ग-रेंज मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम को भी तैनात किया है। चीनी मीडिया के अनुसार, नए PHL-03 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर्स की 10 यूनिट को लद्दाख के नजदीक भेजा गया है। इसकी प्रत्येक यूनिट में चार क्रू मेंबर शामिल हैं। इसमें 300 MM के 12 लॉन्चर ट्यूब लगे हुए हैं।

अब भले ही चीन इन तैयारियों पर अपनी पीठ थपथपा रहा हो लेकिन भारत ने चीन की बोलती बंद करने का पूरा इंतजाम कर लिया है। चीन से सटे अरुणाचल सीमा के पास बोफोर्स तोपों की तैनाती के अलावा भारतीय आर्मी ने एलएसी के पास स्थित पहाड़ों पर अपग्रेडेड L70 एंटी-एयरक्राफ्ट गन भी तैनात किये हैं। इसके अलावा तीन साल पहले भारतीय सेना में शामिल किये गये M-777 हॉवित्जर गनों को भी तैनात किया गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर किसी भी दुश्मन से निपटने के लिए आर्मी यूनिट्स को प्रशिक्षण दिया गया है और जवान हर रोज यहां मिलिट्री ड्रील भी कर रहे हैं। यह ड्रील इंटिग्रेटेड डिफेंडेड इलाके में किया जा रहा है। यह वो इलाका होता है जहां आर्मी और एयर डिफेंस के कई घातक हथियार मौजूद होते हैं।

मिलिट्री अधिकारियों ने कहा कि अपग्रेडेड एल 70 गनों को अरुणाचल प्रदेश के कई अहम जगहों पर दो-तीन महीने पहले ही तैनात कर दिये गये हैं। इन हथियारों की खासियत यह है कि इसे आसानी से एक जगह से दूसरे जगह तक ले जाया जा सकता है। इन हथियारों में ऑटोमैटिक तरीके से अपने टारगेट पर निशाना लगाने की खासियत है। इसके अलावा यह सभी तरह के मौसम में मोर्चे पर डटकर दुश्मनों को जवाब देने में सक्षम है। पूर्वी लद्दाख की तरफ भारत और चीन के बीच जारी तनाव को देखते हुए भारतीय सेना ने पहले ही बोफोर्स तोपों की तैनाती कर दी है।

पूरी दुनिया जानती है कि भारतीय सेना के पास मौजूद बोफोर्स तोपें बड़े से बड़े दुश्मन को पलट झपकते हीं जमींदोज कर देने में सक्षम हैं। इसकी बानगी करगिल युद्ध के दौरान दिखी थी, जब इन तोपों ने पाकिस्तानी दुश्मनों के होश फाख्ता कर दिये थे। यह तोपें 27 किलोमीटर की दूरी तक गोले दाग सकती हैं। हल्के वजन के कारण इसे युद्धभूमि में कही भी तैनात करना और यहां-वहां ले जाना आसान होता है। 155 mm लंबी बैरल वाली यह तोप एक मिनट में 10 गोले दागने की ताकत रखती है। तोप की सबसे बड़ी खासियत इसे -3 डिग्री से लेकर 70 डिग्री के ऊंचे कोण तक फायर करने की है। इस खासियत से यह तोप पहाड़ी इलाकों में बहुत उपयोगी साबित होता है।