अंशु मलिक (57 किग्रा) ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। अंशु को भले ही फाइनल में हार का सामना करना पड़ा, पर वह भारत की तरफ से वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर जीतने वालीं पहली पहलवान बन गई हैं। भारतीय महिला पहलवान को दो बार की ओलंपिक चैंपियन हेलेन मरौलिस के हाथों फाइनल में हार झेलनी पड़ी। अंशु ने यूरोपीय चैंपियन सोलोमिया विंक को हराकर फाइनल में अपनी जगह बनाई थी। अंशु का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा और 19 वर्षीय इस रेसलर ने उम्मीदों से कहीं ज्यादा बढ़कर शानदार खेल दिखाया।

अंशु से पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में गीता फोगाट, बबीता फोगाट, पूजा ढांडा और विनेश फोगाट ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर चुकी हैं, लेकिन कोई भी महिला रेसलर फाइनल तक पहुंचकर सिल्वर नहीं ला सकी थी। अंशु वर्ल्ड चैंपियनशिप में पहुंचने वालीं तीसरी भारतीय पहलाव बनी थीं। उनसे पहले सुशील कुमार (2010) और बजरंग पूनिया (2018) यह कमाल कर चुके हैं। इनमें से सुशील ही गोल्ड मेडल जीत सके हैं। अंशु ने सेमीफाइनल में सोलोमिया विंक को पटखनी देने से पहले कई बड़ी-बड़ी रेसलर्स को धूल चटाई। अंशु ने एकतरफा मुकाबले में कजाखस्तान की निलुफर रेमोवा को तकनीकी दक्षता के आधार पर हराया और फिर क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की देवाचिमेग एर्खेमबायर को 5-1 से शिकस्त दी थी।