सारंगढ़। राज्य सरकार ने सारंगढ़वासियों की मांग को।पूरा करते हुते को जिला बनाने की घोषणा कर दी है। बहुत जल्द सारंगढ़ जिला अस्तित्व में आ जाएगा इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही है लेकिन इस बीच यहां पर यह बताना जरूरी भी है कि सारंगढ़ जिले में एक से एक पर्यटन केंद्र है जो पर्यटकों को स्वतः ही आकर्षित करते हैं। आने वाले समय में इस जिले में पर्यटकों की भरमार देखी जा सकती है। यदि सरकार ने यहां स्थापित पर्यटन केंद्रों को सहेजने का काम किया छत्तीसगढ़ में सारंगढ़ पर्यटन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ के बेहतरीन पर्यटन केंद्रों के लिस्ट में सारंगढ़ जिले का नाम भी शामिल हो सकता है और इसके माध्यम से जिले में राजस्व में वृद्धि भी होगी।

आज हम आपको बताने वाले हैं यहां एक ऐसे जलप्रपात के बारे में जो अपने आप में प्रकृति की बेमिसाल खूबसूरती का प्रमाण है।

माड़ोसिल्ली झरना

माड़ोसिल्ली जलप्रपात सारंगढ़-बरमकेला मार्ग पर गोमर्डा अभ्यारण में 12 किलोमीटर दूर अंदर घने जंगलों के बीच पहाड़ी में बहते पानी से प्राकृतिक रूप में निर्मित माड़ोसिल्ली झरना को यहां आने वाले पर्यटक देखते ही रह जाते हैं। 30 फुट ऊंचाई से चट्टानों पर गिरते पानी के झरने का यह दृश्य स्वतः ही लोगों को अपने और आकर्षित करता। पहाड़ी की ऊंचाई से धारा जमीन पर टकराती हुई इसकी कल कल करती हुई ध्वनि कर्णप्रिय होती हैं तो वहीं माड़ोसिल्ली जलप्रपात की सुंदरता जा पर्यटकों को आनंदित करती है।

पहाड़ियों से बहते पानी से निर्मित इस जलप्रपात की चौड़ाई लगभग 40 से 45 फीट है। वहीं पास में गहरे गड्ढे में झरने का पानी नाला का स्वरूप धारण कर लेता है। जहां ऊपर से छलांग लगाकर नहाने के लिए यह जलप्रपात पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। झरने के पानी को पार करने पर पहाड़ों के बीच प्राकृतिक रूप से गुफा बनी हुई है। इसी गुफा को गोमर्डा गुफा के नाम से जाना जाता है। गोमर्डा अभ्यारण के इस प्राकृतिक पर्यटन स्थल में सैलानियों की बढ़ती संख्या देख वन विभाग ने यहां रेस्ट हाउस का निर्माण कराया है। साथ ही वॉच टॉवर से लेकर सैलानियों की सुविधा के लिए गेस्ट हाउस का निर्माण कराया है इसके अंदर में झरने का आनंद पूरे वर्ष भर पर्यटकों को मिलता रहे इसको ध्यान में रखते हुए झरने के ऊपर पानी स्टोर करने दो एनीकट बनाए गए हैं जिससे पर्यटकों को झरना का आनंद मिल सके।

माड़ोसिल्ली जलप्रपात जाने का मार्ग

माड़ोसिल्ली घने जंगल के बीच स्थित है इसलिए यहाँ तक पहुँचने के लिए वन विभाग ने दो रास्ते बनाएं है जिसमें पहला सारँगढ़ बरमकेला मार्ग पर मल्दा देवसर के पास और दूसरा सारँगढ़ सराईपाली मार्ग में दमदरहा के पास है दोनों स्थानों से माड़ोसिल्ली की दूरी लगभग 12 किमी है जहाँ से निजी वाहन या सरकारी जिप्सी के माध्यम पर्यटन केन्द्र तक पहुँचा जा सकता है। इसके लिए कुछ शुल्क जमा करने होंगे जिसकी रसीद आपको बेरियर में उपस्थित कर्मचारी देंगे ।

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