महाराष्ट्र में ठाणे पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। ठाणे पुलिस ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी तारिक परवीन को धर दबोचा है। वांछित गैंगस्टर तारिक परवीन को शुक्रवार को रंगदारी से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। एक खास बात यह भी है कि इस रंगदारी के मामले में आईपीएस अफसर परमबीर सिंह भी आरोपी हैं। 55 साल के तारिक अब्दुल करीम उर्फ तारिक परवीन पहले भी दूसरे मामले में जेल जा चुका है। इस वांटेड अपराधी के खिलाफ ठाणे नगर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज करवाया गया था। इस नई एफआईआर में कुल 20 लोगों के नाम शामिल हैं, जिसमें एक नाम परमबीर सिंह का भी है। परमबीर सिंह कभी मुंबई और ठाणे के पुलिस कमिश्नर रह चुके हैं। इसके अलावा इसमें कुछ अन्य पुलिस

पुलिस स्टेशन में यह केस बिल्डर केतन तन्ना ने दर्ज करवाया था। अपनी शिकायत में बिल्डर केतन तन्ना ने कहा था कि परमबीर सिंह और अन्य अधिकारियों ने उनसे जबरन पैसों की वसूली की थी और धमकी दी थी कि अगर उन्होंने पैसे नहीं दिये तो वो उन्हें झूठे मुकदमे में फंसा देंगे। शिकायतकर्ता के मुताबिक उस वक्त परमबीर सिंह ठाणे पुलिस कमिश्नर थे।

तारिक परवीन एक अन्य रंगदारी के केस में आरोपी है और तालोजा जेल में बंद है। मुंबई की एक अदालत ने तारिक को ठाणे पुलिस के हवाले किये जाने का आदेश दिया है। ठाणे पुलिस ने उसे एक स्थानीय अदालत में तारिक परवीन को पेश किया था, जहां अदालत ने उसे 22 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

हालांकि, अभी तक इस केस में परमबीर सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मार्च के महीने में कमिश्नर के पद से उनका ट्रांसफर कर दिया गया था। एंटीलिया बम केस के बाद उन्होंने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। जिसके बाद अनिल देशमुख को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।