रिजर्व बैंक ने केवाईसी अपडेशन के नाम पर धोखाधड़ी को लेकर अलर्ट जारी किया है। रिजर्व बैंक ने ट्वीट में लिखा, ‘अपना लॉगिन विवरण, व्यक्तिगत जानकारी, केवाईसी दस्तावेजों की प्रतियां, कार्ड की जानकारी, पिन, पासवर्ड, ओटीपी आदि अज्ञात लोगों के साथ या असत्यापित वेबसाइटों या ऐप्स द्वारा शेयर न करें।’ आरबीआई ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘KYC अपडेशन, कार्ड की जानकारी, PIN या OTP के लिए किए गए मेसेज, कॉल या लिंक से सावधान रहें!’

हाल ही में रिजर्व बैंक ने एक सर्कुलर जारी कर बताया है कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) और भुगतान प्रणाली परिचालक आधार ई-केवाईसी सत्यापन लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं।

रिजर्व बैंक की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि एनबीएफसी, भुगतान प्रणाली परिचालरक और भुगतान प्रणाली भागीदार आधार सत्यापन लाइसेंस-केवाईसी प्रयोगकर्ता एजेंसी (केयूए) लाइसेंस या उप-केयूए लाइसेंस के लिए विभाग को आवेदन कर सकते हैं जिसे आगे यूआईडीएआई (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) के पास भेजा जाएगा।

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मई, 2019 में वित्त मंत्रालय ने बैंकिंग कंपनियों को छोड़कर अन्य इकाइयों द्वारा आधार सत्यापन सेवाओं के इस्तेमाल के लिए आवेदन को विस्तृत प्रक्रिया जारी की थी।