आपको अपना बचपन याद है, जब बीमार होने पर डॉक्टर सबसे पहले कहते थे मुंह खोलो और अपनी जीभ दिखाओ। दरअसल, ये डॉक्टर यूं ही नहीं करते थे। बल्कि इसलिए करते थे क्योंकि आपकी जीभ आपके सेहत के राज बताती है। जी हां, आपकी जीभ कैसी दिखती है, रंग कैसा और इसकी साइज कैसी है ये सभी आपके स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है। इतना ही नहीं ये चीजें आपका पाचन तंत्र (tongue and digestive health) कैसा उसका भी हाल बताती है। दरअसल, अगर पाचन तंत्र में कुछ गड़बड़ है, तो संकेत जीभ पर हो सकते हैं। स्वाद की प्रक्रिया के माध्यम से, जीभ विभिन्न प्रकार के खाद्य अणुओं का पता लगाता है और उन्हें अलग करती है और फिर उन्हें तोड़ने के लिए उपयुक्त पाचन एंजाइमों और स्रावों को संकेत देती है। अगर जीभ में दांतों के निशान हैं तो, यह पोषक तत्वों और नमी की कमी को दर्शाती है। शरीर में खून का ठहराव होने पर जीभ का रंग भी बदल जाता है। इसी तरह बहुत पतली जीभ डिहाइड्रेशन  का संकेत दे सकती। तो, आइए आज विस्तार से जानते हैं कि पेट की समस्याओं को जीभ देख कर (tongue gut connection) कैसे पहचाना जा सकता है। इसी बारे में हमने नारायण हॉस्पिटल लखनऊ में कार्यरत जनरल फिजिशियन (एमडी, मेडिसिन) डॉ. अभिषेक गुप्ता से बात की। 

जीभ से पहचानें पेट की समस्याएं-What does your tongue says about your digestion

1. मोटी जीभ

अगर आपकी जीभ की बनावट बहुत मोटी है तो ये आपके पेट और आंत के बिगड़ते स्वास्थ्य का संकेत है। खासकर कि आंतों के स्वास्थ्य का। जीभ का मोटा कोट एक अस्वास्थ्यकर आंत का संकेत है, जिसका अर्थ है कि हानिकारक बैक्टीरिया ने आंत में रहने वाले गुड बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचा दिया है। यह असंतुलन पाचन समस्याओं, त्वचा विकारों और यहां तक कि अवसाद जैसे मनोवैज्ञानिक  कारणों की वजह से भी हो सकता है। ऐसे में आपको प्रोबायोटिक लेना चाहिए। इसके लिए आप प्रोबायोटिक से भरपूर फूड्स का सेवन कर सकते हैं। साथ ही ध्यान रहे कि आपको प्रोसेस्ड फूड्स को खाने से बचना है जो कि आपकी जीभ के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि मुख्य रूप से जीआई पथ में होने वाला पाचन विकार पाचन तंत्र के बाहर, या इस प्रणाली के एक हिस्से के आस पास अपने लक्षण दिखा सकता है। इसके अलावा कई जीआई स्थितियां मुंह में या उसके आसपास के टिशूज के भीतर लक्षणों को जन्म दे सकती हैं जो कि जीभ से नजर आ जाते हैं।

2. मोटी सफेद या पीली जीभ

मोटी सफेद या पीली जीभ असर में फंगल इंफेक्शन का संकेत हैं। दरअसल, ये कैंडिडा नाम के फंगल इंफेक्शन का लक्षण होता है। ये इस विशिष्ट प्रकार के फंगल इंफेक्शन के बढ़ने की वजह से होता है। इसी के कारण आपकी जीभ सफेद, मोटी और पीली हो जाती है। इसके अलावा इस स्थिति में आपको कई और लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।  कैंडिडा का इलाज आहार और एक स्थिर प्रोबायोटिक चीजों को अपनी डाइट में शामिल कर के किया जा सकता है। साथ ही कई बार पीली जीभ ऊर्जा की कमी का भी संकेत होती है। यह एनीमिया के कारण या लंबे समय से चली आ रही बीमारी के कारण कमजोर इम्यून सिस्टम का भी संकेत हो सकती है।

3. जीभ पर दरार नजर आना

आपने पाया होगा कि कुछ लोगों की जीभ दरारें होती है। ये इस बात का संकेत है कि आप बहुत ज्यादा तनाव ले रहे हैं जिससे आपका मेटाबोलिज्म प्रभावित है। ऐसे ध्यान देने वाली बात ये होती है कि अधिकांश दरारें जीभ की केंद्र रेखा के आसपास स्थित होती हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा में इसे रीढ़ की हड्डी से जुड़ा कुछ संकेत माना जाता है जो एक और जगह है जहां तनाव रहता है। ऐसे में अपने ओरल हेल्थ के साथ मेंटल हेल्थ का भी खास ध्यान रखें। हालांकि जीभ की दरारें काफी हद तक हानिरहित होती हैं और इससे आपको कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। पर ये देखने में खराब लगती है इसलिए आप डॉक्टर को दिखा कर इसका उपचार करवा सकते हैं। साथ आपको तनाव कम करने की कोशिश करनी चाहिए और  इसके लिए अच्छा खाएं, योग करें और एक अच्छी नींद लें।

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4. लाल और सूजन वाली जीभ

अगर आपकी जीभ बहुत लाल और सूजन भी है तो ये इस बात का संकेत है कि आपके शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी है और साथ ही कोई इंफेक्शन भी है। हालांकि इसके पीछे एक कारण विटामिन बी 12 की कमी, नियासिन और फोलिक एसिड की भी कमी हो सकती है। पर इसका अंदाजा खुद से ना लगाएं अपने डॉक्टर को दिखाएं। इसके अलावा एक लाल जीभ शरीर में गर्मी का संकेत दे सकती है, जैसे कि बुखार या एक हार्मोनल असंतुलन जिसके कि आपको हॉट फ्लैश या तापमान में ज्यादा परिवर्तन महसूस हो सकता है।

5. जीभ का बहुत पतला होना

अगर आपकी जीभ बहुत पतली है तो इसका मतलब है कि आपके शरीर में पानी की कमी है। ऐसी जीभ इस बात का संकेत होती है कि आपके शरीर में हाइड्रेशन की बहुत कमी है और डिहाइड्रेटेड हैं। ऐसे में आपको ढ़ेर सारा पानी पीना चाहिए। साथ ही आपको अपनी दिन भर की डाइट में उन चीजों को शामिल करना चाहिए जो कि पानी से भरपूर हों और आपके शरीर में पानी का संतुलन बढ़ाए रखें। साथ ही कोशिश करें कि ज्यादा चाय और कॉफी जैसी चीजों को पीने से बचें।

6. जीभ पर दांतों के निशान और बैंगनी हो जाना

जीभ पर दांतों के निशान होने का मतलब ये है कि अगर जीभ में दांतों के निशान हैं तो यह पोषक तत्वों और नमी की कमी को दर्शाता है। शरीर में रक्त का ठहराव और विषाक्त निर्माण भी हो सकता है। पर अगर आपके जीभ का रंग बैंगनी हो जाता है तो ये इस बात का संकेत है कि आपका ब्लड सर्कुलेशन सही नहीं है। साथ ही ये शरीर में सूजन या संक्रमण पर दर्शाता है।

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7. काले बालों वाली जीभ

काले बालों वाली जीभ सुन कर आपको अजीब लग रहा होगा पर ऐसी जीभ को आप ध्यान देखेंगे तो मालूम होगा कि छोटे-छोटे काले-काले बाल निकल आते हैं। काली बालों वाली जीभ के मामले में ज्यादातर उन लोगों में आते हैं जो कि धूम्रपान और अत्यधिक कॉफी पीते हैं। साथ ही ये खराब आंत स्वास्थ्य, डिहाइड्रेशन और ज्यादा धूम्रपान करने का संकेत है। ऐसे में आपको इन कामों को करना बंद कर देना चाहिए। नहीं तो इसके चलते आपकी लिवर खराब हो सकती है, एसिडिटी हो सकती है और अन्य पेट व आंतों से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं।

एक स्वस्थ जीभ गुलाबी-लाल रंग की होती है। तो अब जब आप शीशे में अपनी जीभ देखते हैं, तो याद रखें ये 7 स्थितियां जो आपके शरीर में होने वाली विभिन्न गतिविधियों का संकेत देती हैं। साथ ही अपने पेट के स्वास्थ्य को रखने के लिए प्रोबायोटिक से भरपूर आहार लें। खूब पानी पिएं और प्रोस्डेड फूड और शुगर से दूर रहें।

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