टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड जीतकर इतिहास रचने वाले भारत के भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा को एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) की ओर से तगड़ा झटका लगा है। नीरज के कोच विदेशी कोच उवे हॉन को सस्पेंड कर दिया गया है। टोक्यो ओलंपिक में भारत को गोल्ड जिताने वाले उवे हॉन ने एएफआई के सामने कई तरह की मांगे रखी थी। इनमें 50% वेतन बढ़ाने से लेकर वेतन में टैक्स छूट और साथ ही फ्लाइट में आने-जाने के लिए फर्स्ट क्लास टिकट्स की मांग भी शामिल थे। हालांकि एएफआई का कहना है कि हॉन से इसलिए नाता तोड़ा गया है कि क्योंकि फेडरेशन उनके कामों से खुश नहीं था।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, फेडरेशन की तरफ से एक बयान जारी करके कहा गया है कि एएफआई उनके काम से खुश नहीं है और जल्द ही दो नए विदेशी कोच को नियुक्त किया जाएगा। 59 साल के हॉन का कॉन्ट्रैक्ट टोक्यो ओलंपिक तक ही था। एएफआई के अध्यक्ष आदिल सुमारिवाला ने कहा, ‘ हम दो नए कोच ला रहे हैं और उवे हॉन को बदल रहे हैं क्योंकि हम उनके काम से खुश नहीं है। हम तूर (शॉटपुट खिलाड़ी तेजिंदरपाल सिंह तूर) के लिए भी एक विदेश कोच ढूंढ रहे हैं।’

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नीरज चोपड़ा के अलावा श्रीशंकर के कोच को भी सस्पेंड कर दिया गया है क्योंकि शंकर के कोच ने एएफआई को लिखित में दिया था कि श्रीशंकर टोक्यो में कम से कम क्वालीफिकेशन का प्रदर्शन दोहराएंगे। इसके बाद एएएफआई ने उन्हें ओलंपिक में हिस्सा लेने दिया था, लेकिन श्रीशंकर ने टोक्यो खेलों के बाद अपना सबसे खराब प्रदर्शन किया। श्रीशंकर के कोच को हटाने के बारे में उन्होंने कहा, ‘हम उसके कोचिंग कार्यक्रम से खुश नहीं हैं, पहली कार्रवाई हो चुकी है और हमने उसका कोच बदल दिया है।’

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गौरतलब है कि उवे हॉन को नवंबर 2017 में एक साल के कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया गया था। तब उन्हें नीरज चोपड़ा, शिवपाल सिंह और अन्नु रानी को ट्रेन करने की जिम्मेदारी दी गई थी। 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज ने हॉन के मार्गदर्शन में ही गोल्ड जीता था। लेकिन फिर वे जर्मनी के ही क्लाउश बार्टोनीज के साथ चले गए थे। टोक्यो ओलिंपिक से ठीक पहले उवे हॉन ने यह कहकर विवादों को हवा दी थी कि उन्हें साई और एएफआई ने कॉन्ट्रैक्ट साइन करने के लिए ब्लैकमेल किया था। नीरज ने ओलंपिक में जैवलिन थ्रो के फाइनल इवेंट में 87.58 मीटर का थ्रो फेंककर ट्रैक एंड फील्ड में देश को पहला मेडल दिलाया था।