गुरुग्राम के फर्रुखनगर के झांझरोला गांव में रहने वाले एक डॉक्टर ने बीते माह 25 अगस्त को जहरीला पदार्थ खा लिया था। अगले दिन अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मौत के 15 दिन बाद अब परिजनों को डॉक्टर के एक सूटकेस से उसका सुसाइड नोट मिला है। परिजनों के अनुसार, उसमें डॉक्टर द्वारा पत्नी और उसके परिवार के लोगों के दबाव में आने के कारण आत्महत्या करने की बात लिखी गई है।

मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने डॉक्टर की पत्नी, उसकी मां, मौसी और मौसा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, पुलिस अब यह पता लगा रही है कि मृतक पर इन लोगों द्वारा किस चीज का दबाव बनाया जा रहा था।

फर्रुखनगर थाना पुलिस को दी शिकायत में झांझरोला निवासी ओम सिंह ने बताया कि उनकी एक बेटी और एक बेटा है। दोनों शादीशुदा हैं। बेटे रविंद्र की शादी 24 जनवरी 2015 को राजस्थान के अलवर की रहने वाली मनीषा से हुई थी। रविंद्र ने बीएएमएस की हुई थी और निजी अस्पताल में डॉक्टर था। उन्होंने पुलिस को बताया कि 25 अगस्त को उनके बेटे ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था। अगले दिन उसकी अस्पताल में मौत हो गई थी।

उस समय उन्होंने किसी पर कार्रवाई की कोई बात नहीं की थी। अब उन्होंने बताया कि उन्हें बेटे के सूटकेस से एक कॉपी मिली है, जिसमें सुसाइड नोट लिखा हुआ है। उसमें लिखा कि मैं रविंद्र अपने पूरे होश हवास में यह बयान करता हूं कि मैं ससुराल पक्ष के दबाव में आकर आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी मौत की जिम्मेदार पत्नी मनीषा, उसकी मौसी सुमन, उसके मौसा सूरत सिंह और उसकी मां कमलेश देवी को माना जाए। यह कदम मैं परेशान होकर उठा रहा हूं।

मृतक के पिता ने सुसाइड नोटिस पुलिस को दिया है और अपनी बहू समेत उसके परिवार के चार लोगों पर उनके बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।