टेबल टेनिस स्टार मनिका बत्रा ने आरोप लगाया है कि नेशनल कोच सौम्यदीप रॉय ने उन्हें मार्च में ओलंपिक क्वालीफायर के दौरान एक मैच गंवाने के लिए कहा था और इसी वजह से टोक्यो ओलंपिक में सिंगल वर्ग में उन्होंने रॉय की मदद लेने से इनकार कर दिया था। भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के कारण बताओ नोटिस का जवाब देते हुए मनिका ने इस बात का पुरजोर खंडन किया कि रॉय की मदद लेने से इनकार करके उन्होंने खेल की साख को नुकसान पहुंचाया है। टीटीएफआई सूत्रों के अनुसार, दुनिया की 56वें नंबर की खिलाड़ी ने कहा कि जिसने उन्हें मैच फिक्सिंग के लिए कहा था, अगर वह उनके साथ कोच के रूप में बैठे होते तो वह मैच पर फोकस नहीं कर पाती।

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मनिका ने टीटीएफआई सचिव अरूण बनर्जी को भेजे जवाब में कहा, ‘ आखिरी मिनट पर उनके दखल से पैदा होने वाले व्यवधान से बचने के अलावा नेशनल कोच के बिना खेलने के मेरे फैसले के पीछे एक और अधिक गंभीर वजह थी। नेशनल कोच ने मार्च 2021 में दोहा में क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट में मुझ पर दबाव बनाया कि मैं मैच गंवा दूं ताकि वह ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर सके। कुल मिलाकर मुझसे मैच फिक्सिंग के लिए कहा गया।’

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कई प्रयासों के बावजूद रॉय से संपर्क नहीं हो सका है। खिलाड़ी से कोच बने रॉय को मौजूदा नेशनल कैंप से बाहर रहने को कहा गया है। टीटीएफआई ने उन्हें उनका पक्ष रखने के लिए भी कहा है। बनर्जी ने कहा, ‘ आरोप रॉय के खिलाफ हैं। उन्हें जवाब देने दीजिए। फिर आगे के बारे में फैसला लेंगे। रॉय राष्ट्रमंडल खेलों की टीम स्पर्धा के स्वर्ण पदक विजेता हैं, जिन्हें अर्जुन पुरस्कार भी मिल चुका है।

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मनिका ने कहा, ‘मेरे पास इस घटना का सबूत है जो मैं उचित समय आने पर पेश करूंगी। मुझे मैच गंवाने के लिए कहने राष्ट्रीय कोच मेरे होटल के कमरे में आए और करीब 20 मिनट मुझसे बात की। उन्होंने अनैतिक तरीके से अपनी प्रशिक्षु को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जो उस समय उनके साथ आई थी।’

मनिका और सुतीर्था मुखर्जी ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था। सुतीर्था रॉय की अकादमी में अभ्यास करती है। मनिका ने कहा, ‘मैंने उनसे कोई वादा नहीं किया और तुरंत टीटीएफआई को इसकी जानकारी दी। उनके दबाव और धमकी का हालांकि मेरे खेल पर असर पड़ा।’